कभी उत्तर प्रदेश में कंप्यूटर और अंग्रेजी शिक्षा का विरोध करने वाली समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में दसवीं पास छात्रों को टैबलेट और बारहवीं पास छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का वादा किया है। वायदों की झड़ी यहीं आकर नहीं रूकी, समाजवादी
इसमें संदेह नहीं कि निर्वाचन आयोग ने पिछले दो दशक के दौरान चुनावी प्रक्रिया को साफ-सुथरा बनाने और धनबल व बाहुबल पर अंकुश लगाने की दिशा में असाधारण कार्य किया है, लेकिन उसके हाल के कुछ निर्णयों पर ऐसे सवाल खड़े हुए हैं कि उसने राजनीतिक दलों से संबंधित मामलों में नीर-क्षीर ढंग से कार्य
निर्वाचन आयोग की नोटिस और नाराजगी के बाद केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के नौ प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण संबंधी बयान को उनका निजी विचार बताने के 24 घंटे के अंदर ही कांग्रेस ने जिस तरह पलटी खाते हुए यह कहा कि वह अल्पसंख्यक आरक्षण बढ़ाने के पक्ष में है उससे यह साफ हो गया कि
Written By admin. In दलित आंदोलन
वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों का क्रांतिकारी अभिवादन ‘लाल सलाम’ कभी बुंदेलखण्ड के हर गांव और गरीब की ड्योढ़ी तक सुनाई देता था। करीब तीन दशक तक यह बदहाल इलाका वामपंथियों का गढ़ रहा। ‘धन और धरती बंटकर रहेगी’ के नारे से प्रभावित गरीब-गुरबा इसके प्रबल समर्थक माने जाते थे, लेकिन अब ‘लाल सलाम’ की
बात बात पर विरोधी पार्टी ख़ासकर ब स पा को इटालियन टॉनिक पी पी कर कोसने बाले राहुल के मूह पर करारा तमाचा है यह रिपोर्ट
दिल्ली में बीते वर्ष आपराधिक घटनाओं में हुई वृद्धि निश्चित ही चिंताजनक है। इससे न सिर्फ लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है, अपितु उनमें पुलिस के प्रति विश्वास में
Written By admin. In भ्रष्टाचार और कॉंग्रेस
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा के ठीक पहले अन्य पिछड़ा वर्गो के हिस्से से साढ़े चार प्रतिशत आरक्षण अल्पसंख्यकों को देने के निर्णय के बाद केंद्र सरकार ने जिस तरह तेल कंपनियों को पेट्रोल के दाम बढ़ाने से रोका और फिर अनुसूचित जातियों-जनजातियों एवं पिछड़े वर्गो के रिक्त पदों को भरने का फैसला
पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कारण पेट्रोल के दाम न बढ़ाने का निर्णय इसकी पुष्टि करता है कि किस तरह आर्थिक मामलों में राजनीति की जाती है। यह हास्यास्पद है कि एक ओर यह दावा किया जाता है कि तेल कंपनियां पेट्रोल के दामों का निर्धारण करने के मामले में सरकारी नियंत्रण से मुक्त
आज हर कोई अपने - अपने तरीके से लोकपाल विधेयक की व्याख्या कर रहा है। कोई इसके लिए लड़ने को तैयार है तो कोई निराश है। लेकिन आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव उससे डरे हुए हैं। उनका मानना है कि लोकपाल को अधिकार संपन्न बनाने का अर्थ
