Jan 24

वायदों के भंवरजाल में राजनीति

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कभी उत्तर प्रदेश में कंप्यूटर और अंग्रेजी शिक्षा का विरोध करने वाली समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मौजूदा विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में दसवीं पास छात्रों को टैबलेट और बारहवीं पास छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का वादा किया है। वायदों की झड़ी यहीं आकर नहीं रूकी, समाजवादी

Jan 20

औचित्य से परे है चुनाव आयोग का

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चुनाव आयोग का हाथी और मायावती की मूर्तियों पर पर्दा डालने का फरमान विवेक और औचित्य से परे है। यह संयोग मात्र है कि हाथी बहुजन समाज पार्टी का चुनाव चिह्न है, लेकिन ऐसा नहीं है कि देश का मतदाता हाथी की छवि को सिर्फ इसलिए जानता है कि वह बसपा का चुनाव चिह्न है?

Jan 19

निर्वाचन आयोग और उसका कॉंग्रेस प्रेम

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इसमें संदेह नहीं कि निर्वाचन आयोग ने पिछले दो दशक के दौरान चुनावी प्रक्रिया को साफ-सुथरा बनाने और धनबल व बाहुबल पर अंकुश लगाने की दिशा में असाधारण कार्य किया है, लेकिन उसके हाल के कुछ निर्णयों पर ऐसे सवाल खड़े हुए हैं कि उसने राजनीतिक दलों से संबंधित मामलों में नीर-क्षीर ढंग से कार्य

Jan 16

कॉंग्रेस की छल-कपट की राजनीति

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निर्वाचन आयोग की नोटिस और नाराजगी के बाद केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के नौ प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण संबंधी बयान को उनका निजी विचार बताने के 24 घंटे के अंदर ही कांग्रेस ने जिस तरह पलटी खाते हुए यह कहा कि वह अल्पसंख्यक आरक्षण बढ़ाने के पक्ष में है उससे यह साफ हो गया कि

Jan 11

यहाँ ‘लाल सलाम’ गया और अब ‘जय भीम’ आया

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वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों का क्रांतिकारी अभिवादन ‘लाल सलाम’ कभी बुंदेलखण्ड के हर गांव और गरीब की ड्योढ़ी तक सुनाई देता था। करीब तीन दशक तक यह बदहाल इलाका वामपंथियों का गढ़ रहा। ‘धन और धरती बंटकर रहेगी’ के नारे से प्रभावित गरीब-गुरबा इसके प्रबल समर्थक माने जाते थे, लेकिन अब ‘लाल सलाम’ की

Jan 09

चुनाव आयोग के निसाने पर ब. स. पी. ही क्यो ?

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उत्तर प्रदेश में बहन मायावती जी  और हाथियों की मूर्तियों को ढकने का चुनाव आयोग का फैसला भले ही सभी राजनीतिक दलों को समान धरातल पर लाने के सिद्धांत के आधार पर किया गया हो, लेकिन यह कहना कठिन है कि यह निर्णय सुविचारित और बिना पक्षपात से लिया गया है। यदि चुनाव आयोग को

Jan 08

राहुल राज और फलता फूलता अपराध

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बात बात पर विरोधी पार्टी ख़ासकर ब स पा को इटालियन टॉनिक पी पी कर कोसने बाले राहुल के मूह पर करारा तमाचा है यह रिपोर्ट
दिल्ली में बीते वर्ष आपराधिक घटनाओं में हुई वृद्धि निश्चित ही चिंताजनक है। इससे न सिर्फ लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है, अपितु उनमें पुलिस के प्रति विश्वास में

Jan 05

कॉंग्रेस, चुनाव आचार संहिता और चुनाव आयोग

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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा के ठीक पहले अन्य पिछड़ा वर्गो के हिस्से से साढ़े चार प्रतिशत आरक्षण अल्पसंख्यकों को देने के निर्णय के बाद केंद्र सरकार ने जिस तरह तेल कंपनियों को पेट्रोल के दाम बढ़ाने से रोका और फिर अनुसूचित जातियों-जनजातियों एवं पिछड़े वर्गो के रिक्त पदों को भरने का फैसला

Jan 03

वोट के लिए देश का सौदा करती केंद्र की कॉंग्रेस

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पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कारण पेट्रोल के दाम न बढ़ाने का निर्णय इसकी पुष्टि करता है कि किस तरह आर्थिक मामलों में राजनीति की जाती है। यह हास्यास्पद है कि एक ओर यह दावा किया जाता है कि तेल कंपनियां पेट्रोल के दामों का निर्धारण करने के मामले में सरकारी नियंत्रण से मुक्त

Dec 23

मुलायम को जेल जाने का डर

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आज हर कोई अपने - अपने तरीके से लोकपाल विधेयक की व्याख्या कर रहा है। कोई इसके लिए लड़ने को तैयार है तो कोई निराश है। लेकिन आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव उससे डरे हुए हैं। उनका मानना है कि लोकपाल को अधिकार संपन्न बनाने का अर्थ

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