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Category Archives: बाबा साहेब

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बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर की 123 वीं वर्षगाँठ पर

दलित वर्ग की राजनैतिक चेतना और परिपक्वता से मुख्यधारा के समाज को सीखने की जरुरत है ! 14 अप्रैल का दिन इस तथ्य की गहराई को समझने के लिये सबसे प्रासंगिक दिन है। यह शीर्षक थोड़ा सा अतिशयोक्तिपूर्ण लग सकता है लेकिन यदि पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर इस पक्ष पर थोड़ा सा गंभीर चिन्तन करें तो निश्चितरूप से वास्तविक जनतंत्र ... Read More »

बाबा साहेब की कर्मभूमि में दलित राजनीति खंड-खंड

नागपुर का दीक्षा भूमि स्मारक दलितों के लिए किसी तीर्थस्थल से कम नही है। यहीं डॉ अंबेडकर ने वर्ण व्यवस्था पर आधारित हिंदू धर्म को छोड़ कर बौद्ध धर्म का रास्ता अपनाया था। यहीं मेरी मुलाक़ात एक बुज़ुर्ग मनोहर बिट्वा पाटिल से हुई जो यह बताते हुए भावुक हो जाते हैं कि कैसे इस जगह पर लोगों के हुजूम के ... Read More »

भारत की कोकिला और डॉ. अम्बेडकर

आज हम हिन्दुस्तान के दो महान् व्यक्तित्व पर चर्चा करने जा रहे है जिसमे भारत की कोकिला ( द नाइटएंगल ऑफ इण्डिया ) कही जाने वाली कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला राज्यपाल, स्वंतन्त्रता सेनानी, महान कवयित्री सरोजिनी नायडू जिनका जन्म 13 फरवरी 1879 को हुआ, इसी महान कवयित्री के जन्मदिन को महिला दिवस के रूप ... Read More »

सविंधान सभा में आरक्षण पर, डॉ. अम्बेडकर का जबाब

आज हम बात कर रहे है, भारतीय संविधान कि धारा 10 है, जिसमें कि अनुसूचित जाति, जनजाति को नौकरियो में आरक्षण का प्रावधान है । आरक्षण की इस लडाई में जब भारत के संविधान का निर्माण हो रहा था, तब सभा में एक वोट की कमी से आरक्षण प्रस्ताव पारित नही हो सका, तब डां. अम्बेडकर के सामने एक गंभीर ... Read More »

दुनिया में सर्वश्रैष्ठ : बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अम्बेडकर

आज हम डॉ. अम्बेडकर के एक ऐसे चमत्कार और उस दौर की बात कर रहे है जो समय उन्होने न्यूयार्क, अमेरिका में 1913 से 1916 के बीच कोलम्बिया युनिवर्सिटी में बिताया । ऐसा डॉ. अम्बेडकर और बड़ोदा महाराज के बीच हुऐ करार से सम्भव हो पाया जिसके अन्तर्गत 10 वर्षों तक रियासत की सेवा करने का करार । जिसके तहत ... Read More »

बाबा साहेब द्वारा महात्मा गांधी की टिप्पणियों का उत्तर

महात्मा जी ने मेरे जाति पांति तोड़क मंडल के लिए तैयार किये गये भाषण पर अपने पत्रा ÷हरिजन’ में टिप्पणी करके मेरा जो सम्मान किया है, उसके लिए मैं उनका अनुगृहीत हूं। महात्मा जी के द्वारा की गयी मेरे भाषण की आलोचना के पढ़ने से यह स्पष्ट हो जाता है कि वे मेरे जाति भेद पर प्रकट किये गये विचारों ... Read More »

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