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Category Archives: दलित

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Indian Dalit, Indian Poor people

आधुनिक भारत व दलित अधिकार

आज दलितों को भारत में जो भी अधिकार मिले हैं उसकी पृष्ठभूमि इसी शासन की देन थी। यूरोप में हुए पुर्नजागरण और ज्ञानोदय आंदोलनों के बाद मानवीय मूल्यों का महिमा मंडन हुआ। यही मानवीय मूल्य यूरोप की क्रांति के आर्दश बने। इन आर्दशों की जरिए ही यूरोप में एक ऐसे समाज की रचना की गई जिसमें मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता ... Read More »

आंबेडकर का सपना, दलित बनें धनवान

भारतीय संविधान के रचयिता डॉ. भीमराव आंबेडकर के कई सपने थे। भारत जाति-मुक्त हो, फूड सरप्लस हो, औद्योगिक राष्ट्र बने, पूरी तरह शहरी हो, सदैव लोकतांत्रिक बना रहे। ये सपने जगजाहिर हैं, पर उनका एक और सपना भी था कि दलित धनवान बनें। वे हमेशा नौकरी मांगने वाले ही न बने रहें, नौकरी देने वाले भी बनें। Read More »

भारतीय मीडिया में दलितों की स्थिति

जाने माने सामाजिक विश्लेषक रॉबिन जेफ़री ने पिछले दिनों दिल्ली में राजेंद्र माथुर स्मृति व्याख्यान में भारतीय मीडिया में दलितों की स्थिति की चर्चा की. उन्होंने बताया कि मीडिया के प्रमुख 300 नीति निर्धारकों से दलित नदारद हैं. Read More »

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